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ज्वार

ज्वार का डाउनी मिल्ड्यू रोग

ज्वार का डाउनी मिल्ड्यू एक गंभीर रोग है जो पौधे की पत्तियों और बढ़वार को प्रभावित करता है। यदि रोग पौधे की शुरुआती अवस्था में लग जाए तो पूरा पौधा कमजोर रह सकता है और बालियां ठीक से विकसित नहीं हो पातीं। अधिक आर्द्रता वाले क्षेत्रों में यह रोग तेजी से फैल सकता है।

ज्वार का डाउनी मिल्ड्यू रोग

ज्वार का डाउनी मिल्ड्यू एक गंभीर रोग है जो पौधे की पत्तियों और बढ़वार को प्रभावित करता है। यदि रोग पौधे की शुरुआती अवस्था में लग जाए तो पूरा पौधा कमजोर रह सकता है और बालियां ठीक से विकसित नहीं हो पातीं। अधिक आर्द्रता वाले क्षेत्रों में यह रोग तेजी से फैल सकता है।

कारण

यह रोग मुख्य रूप से Peronosclerospora sorghi नामक रोगजनक के कारण होता है।

यह रोगजनक मिट्टी में बने रहने वाले ऊस्पोर, संक्रमित फसल अवशेष और कुछ घास प्रजातियों पर जीवित रह सकता है।

छोटे पौधे मिट्टी में मौजूद रोगजनक से संक्रमित हो सकते हैं। इसके बाद रोगग्रस्त पत्तियों पर बनने वाले बीजाणु हवा के माध्यम से आसपास के स्वस्थ पौधों तक पहुंच सकते हैं।

अधिक नमी, रात के समय उच्च आर्द्रता, लगातार ओस और मध्यम से गर्म तापमान रोग के विकास के लिए अनुकूल होते हैं।

कम उम्र के पौधे इस रोग के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।

लक्षण

शुरुआत में पत्तियों पर हल्की पीली या सफेद धारियां दिखाई देती हैं।

ये धारियां पत्ती की लंबाई के समानांतर फैल सकती हैं।

सुबह के समय पत्ती की निचली सतह पर सफेद या धूसर फफूंदीय वृद्धि दिखाई दे सकती है।

संक्रमित पौधों की बढ़वार धीमी हो जाती है और वे स्वस्थ पौधों की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं।

गंभीर संक्रमण होने पर पत्तियां संकरी, विकृत या फटी हुई दिखाई दे सकती हैं।

कुछ पौधों में पत्ती का ऊतक टूटकर लंबे टुकड़ों में विभाजित हो सकता है।

बाली बनने पर संक्रमित पौधों में फूल और दाने का विकास कमजोर हो सकता है।

गंभीर संक्रमण की स्थिति में पौधे पूरी तरह बाँझ भी रह सकते हैं।

निदान

पत्तियों पर लंबी पीली धारियां तथा सुबह के समय निचली सतह पर सफेद फफूंदीय वृद्धि डाउनी मिल्ड्यू का प्रमुख संकेत है।

इसे पोषक तत्वों की कमी से अलग पहचानना जरूरी है। पोषण की कमी में पत्तियां पीली हो सकती हैं लेकिन आमतौर पर सफेद फफूंदीय परत नहीं बनती।

यदि पूरे खेत में अलग-अलग छोटे समूहों में बौने पौधे दिखाई दें तो संक्रमित पौधों की पत्तियों की जांच करें।

सही रोग पहचान के लिए गंभीर या अस्पष्ट मामलों में पौध रोग विशेषज्ञ से जांच करवाएं।

उपाय

रोग प्रतिरोधी या सहनशील ज्वार किस्मों का चयन सबसे प्रभावी उपाय है।

स्वस्थ और प्रमाणित बीज का उपयोग करें।

रोग प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय अनुशंसा के अनुसार उपयुक्त पंजीकृत प्रणालीगत फफूंदनाशी से बीज उपचार उपयोगी हो सकता है।

खेत की नियमित निगरानी करें और गंभीर रूप से संक्रमित पौधों को शुरुआती अवस्था में जड़ सहित निकालकर नष्ट करें।

खेत तथा मेड़ों पर स्वयं उगे ज्वार और रोगजनक को आश्रय देने वाली अनावश्यक घासों को नियंत्रित करें।

जल निकास अच्छा रखें और अनावश्यक जलभराव से बचें।

फसल कटने के बाद संक्रमित अवशेषों का उचित प्रबंधन करें।

लगातार ज्वार उगाने के बजाय गैर-मेजबान फसल के साथ फसल चक्र अपनाना रोगजनक की मात्रा कम करने में मदद कर सकता है।

डाउनी मिल्ड्यू में रोग लगने के बाद केवल छिड़काव पर निर्भर रहने की बजाय प्रतिरोधी किस्म, स्वस्थ बीज और शुरुआती रोग नियंत्रण अधिक प्रभावी रणनीति है।