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मूंग

मूंग का सर्कोस्पोरा पत्ती धब्बा रोग

मूंग का सर्कोस्पोरा पत्ती धब्बा, जिसे Cercospora Leaf Spot या CLS कहा जाता है, खरीफ और जायद दोनों मौसम में पाया जाने वाला महत्वपूर्ण फफूंदजनित रोग है। रोग मुख्य रूप से पत्तियों को प्रभावित करता है, लेकिन गंभीर स्थिति में तने, शाखाओं और फलियों पर भी लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अधिक संक्रमण से पत्तियां जल्दी गिरने लगती हैं, जिससे पौधे की प्रकाश संश्लेषण क्षमता और दाना भरने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। ICAR-IIPR ने Cercospora leaf spot को मूंग की प्रमुख बीमारियों में शामिल किया है।

मूंग का सर्कोस्पोरा पत्ती धब्बा, जिसे Cercospora Leaf Spot या CLS कहा जाता है, खरीफ और जायद दोनों मौसम में पाया जाने वाला महत्वपूर्ण फफूंदजनित रोग है। रोग मुख्य रूप से पत्तियों को प्रभावित करता है, लेकिन गंभीर स्थिति में तने, शाखाओं और फलियों पर भी लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अधिक संक्रमण से पत्तियां जल्दी गिरने लगती हैं, जिससे पौधे की प्रकाश संश्लेषण क्षमता और दाना भरने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। ICAR-IIPR ने Cercospora leaf spot को मूंग की प्रमुख बीमारियों में शामिल किया है।

कारण

यह रोग मुख्य रूप से Cercospora canescens और संबंधित Cercospora प्रजातियों के कारण होता है।

रोगजनक संक्रमित बीज और रोगग्रस्त फसल अवशेषों में जीवित रह सकता है।

अनुकूल वातावरण मिलने पर बीजाणु बनते हैं और हवा, बारिश या सिंचाई की छींटों द्वारा स्वस्थ पौधों तक पहुंचते हैं।

अधिक आर्द्रता, बार-बार बारिश, भारी ओस और पत्तियों का लंबे समय तक गीला रहना संक्रमण के लिए अनुकूल है।

बहुत घनी फसल में हवा का आवागमन कम रहता है, जिससे पत्तियां अधिक समय तक नम रहती हैं और रोग तेजी से फैल सकता है।

लक्षण

शुरुआत में पत्तियों पर छोटे गोल या अनियमित भूरे धब्बे दिखाई देते हैं।

धीरे-धीरे ये धब्बे बड़े होते जाते हैं और उनका केंद्र हल्का भूरा या धूसर तथा किनारा गहरा भूरा दिखाई दे सकता है।

कुछ धब्बों के आसपास हल्का पीला घेरा भी बन सकता है।

एक ही पत्ती पर बड़ी संख्या में धब्बे दिखाई दे सकते हैं।

गंभीर संक्रमण में पास-पास के धब्बे आपस में मिलकर पत्ती का बड़ा हिस्सा सुखा देते हैं।

पत्तियां पीली होकर समय से पहले गिर सकती हैं।

यदि रोग फसल के शुरुआती या मध्य चरण में अधिक गंभीर हो जाए तो पौधे की वृद्धि धीमी हो सकती है।

तने और शाखाओं पर लंबे भूरे धब्बे तथा फलियों पर छोटे गहरे धब्बे भी बन सकते हैं।

गंभीर अवस्था में फलियों और बीजों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

निदान

सर्कोस्पोरा रोग की पहचान के लिए पत्तियों पर बने गोल या अनियमित भूरे धब्बों को देखें।

धब्बे का अपेक्षाकृत हल्का केंद्र और गहरा किनारा महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।

एन्थ्रेक्नोज में कई बार तने और फलियों पर गहरे धंसे हुए घाव अधिक स्पष्ट होते हैं, जबकि सर्कोस्पोरा में मुख्य नुकसान पत्ती धब्बों और समय से पहले पत्ती गिरने के रूप में दिखाई देता है।

चूर्णिल आसिता में पत्तियों पर सफेद पाउडर जैसी परत होती है, इसलिए उससे इसे आसानी से अलग पहचाना जा सकता है।

यदि लक्षण अस्पष्ट हों तो रोगग्रस्त पत्ती की प्रयोगशाला जांच कराएं।

उपाय

प्रतिरोधी या सहनशील मूंग किस्मों का चयन उपयोगी है। ICAR-IIPR ने ML 515, BM 4 और TM 98-50 जैसी किस्मों में Cercospora के प्रति प्रतिरोध दर्ज किया है। कुछ नई किस्मों में MYMV के साथ-साथ Cercospora और पाउडरी मिल्ड्यू प्रतिरोध भी उपलब्ध है।

स्वस्थ एवं प्रमाणित बीज का उपयोग करें।

फसल कटाई के बाद संक्रमित अवशेषों का उचित प्रबंधन करें।

लगातार मूंग या उड़द उगाने के बजाय उपयुक्त गैर-मेजबान फसल के साथ फसल चक्र अपनाएं।

अनुशंसित बीज दर और पौध दूरी रखें।

खेत में अत्यधिक नमी तथा लंबे समय तक जलभराव से बचें।

रोग दिखाई देने पर नियमित निरीक्षण करें। ICAR-IIPR ने मूंग में Cercospora सहित विभिन्न पत्ती रोगों के एकीकृत प्रबंधन के लिए बीज उपचार और आवश्यकता आधारित फफूंदनाशी छिड़काव को प्रभावी पाया है।

फफूंदनाशी का उपयोग वर्तमान पंजीकरण, लेबल मात्रा और स्थानीय कृषि सलाह के अनुसार ही करें।